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बीडीएस डॉक्टर्स से मजबूत किया जा सकता है प्राथमिक चिकित्सा क्षेत्र: रूस्तमसिंह
इंटरडिसिप्लिनरी ऑर्थोडॉटिक्स मिड ईयर कन्वर्सेशन
इंदौर. हमारे देश में जनसंख्या के मुकाबले डॉक्टर्स की कमी सबसे बड़ी समस्या है. प्राथमिक स्वस्थ्य सुविधाओं तक भी लोगों की पहुंच नहीं है. इस समस्या को दूर करने के लिए सरकार बीडीएस डॉक्टर्स को बेसिक ट्रेनिंग देकर उन्हें प्राथमिक चिकित्सा के क्षेत्र में नियुक्तियां देने के बारे में गंभीरता से विचार कर रही है. इसके पीछे एक मजबूत कारण यह भी है कि बीडीएस के शुरूआती तीन साल का कोर्स एमबीबीएस की तरह ही होता है. यानी बीडीएस डॉक्टर्स को थोड़ी सी ट्रेनिंग देकर प्राथमिक चिकित्सा के क्षेत्र को मजबूत किया जा सकता है.
यह बात स्वास्थ्य मंत्री रुस्तम सिंह ने कही. वे इंडियन डेंटल एसोसिएशन एमपी स्टेट ब्रांच के इंटरडिसिप्लिनरी ऑर्थोडॉटिक्स मिड ईयर कन्वर्सेशन में संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि डेंटिस्ट गांवों नहीं पहुंच रहे हैं इसका बड़ा कारण यह है कि उनके क्लिनिक का सेटअप ही बहुत महंगा होता है. एक फिजिशियन सामान्य बेड पर भी चेकअप कर सकते हैं जबकि डेंटिस्ट की चेयर ही लाखों की होती हैं। डेंटिस्ट का सेटअप सस्ता करने के लिए हम भारत में ही बने उपकरणों के उपयोग को भी बढ़ावा दे रहे हैं। हम कोशिश कर रहे हैं कि डेंटिस्ट को गांवों में काम करने के लिए तैयार करें। वहां के लोग ना सिर्फ डॉक्टर्स की बात को गंभीरता से मानते हैं बल्कि उन्हें पैसे देने से भी नहीं कतराते.
हेल्थ सेक्टर को विदेश स्तर तक पहुंचाना होगा
चिकित्सा मंत्री ने कहा कि हमने सरकार के सामने प्रस्ताव रखा है कि बीडीएस डॉक्टर्स को बेसिक ट्रेनिंग देकर कम्युनिटी हेल्थ केयर सेक्टर में अपॉइंट किया जाए और गांवों में भेजा जाए. हमें अपने देश के हेल्थ केयर सेक्टर को विदेशों के स्तर तक पहुंचाने के लिए हमें ही प्रयास करना होगा. अगले 5 से 7 वर्षों में हम उम्मीद करते हैं कि हम इस लक्ष्य को हासिल कर पाएंगे. ऑर्गेनाइजि़ंग सेक्रेटरी मनीष वर्मा ने बताया कि ऐसा होने पर प्रदेश के साढ़े पांच करोड़ लोगों को लाभ मिलेगा. आयुष्यमान योजना को सफल बनाने में हमारी स्ट्रीम का विशेष योगदान होगा.
नई तकनीक की मिली जानकारी
टेक्निकल सेशन में डॉक्टर्स ने ब्रेसेस की नई विधाएँ और इस क्षेत्र में होने वाले नए आविष्कारों के बारे में जाना. इसके साथ ही मैक्सिलो फेशियल के तहत पुरे चहरे को नया आकर देने की तकनीकें भी समझी. कार्यक्रम में विशेष रूप से आईडीए के नेशनल प्रेसिडेंट डॉ दीपक माखीजानी, आईडीए एमपी स्टेट प्रेसिडेंट डॉ आशीष गर्ग, सेक्रेटरी डॉ मनीष वर्मा, इंदौर ब्रांच के चेयरमैन डॉ प्रशांत मिश्रा और सेक्रेटरी डॉ अमित भरद्वाज भी उपस्थित थे.


